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देवबंद: मिशन शक्ति 5.0 के तहत देवबंद पुलिस ने महिलाओं को किया जागरूक, साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सागर जैन के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों

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देवबंद: मिशन शक्ति 5.0 के तहत देवबंद पुलिस ने महिलाओं को किया जागरूक, साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए

देवबंद: थाना देवबंद पुलिस ने मिशन शक्ति फेज-5.0 और साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत नगर में महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने न केवल सुरक्षा से जुड़ी जानकारियाँ दीं बल्कि डिजिटल युग में उत्पन्न होने वाले खतरों से बचाव के उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सागर जैन के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे अपने जीवन और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने नगर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों जैसे जैन इंटर कॉलेज, श्री रामकृष्ण योग आश्रम इंटर कॉलेज सहित धार्मिक स्थलों जैसे माता वाल सुंदरी मंदिर और श्री खाटू श्याम मंदिर परिसर पर पहुँचकर वहां मौजूद महिलाओं और बालिकाओं से संवाद किया और उन्हें सुरक्षित जीवन जीने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की। इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए महिला उपनिरीक्षक सुधा रानी, उपनिरीक्षक प्रियंका चौधरी, महिला हेड कांस्टेबल प्रियंका शर्मा और अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे, जिन्होंने न केवल शारीरिक सुरक्षा से जुड़ी बातों पर ध्यान दिया बल्कि मानसिक और सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया। टीम ने महिलाओं को 1090, 181, 112 और 1930 जैसे हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी और बताया कि किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत इन नंबरों पर कॉल करके सहायता प्राप्त की जा सकती है। पुलिस ने महिलाओं को यह समझाया कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध एक गंभीर खतरा बन गया है, और इसके प्रति सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किसी भी संदिग्ध लिंक, अनजान संदेश या अज्ञात कॉल से सावधान रहना चाहिए और अगर कोई भी असामान्य घटना महसूस हो, तो तुरंत पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन पर सूचना देना आवश्यक है। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया पर सुरक्षित रहने और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने के बारे में भी जानकारी दी। मिशन शक्ति टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं को न केवल शारीरिक रूप से सुरक्षित रहना चाहिए बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त होना आवश्यक है, और इसके लिए वे हमेशा पुलिस की सहायता ले सकती हैं। अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं और प्रश्नों का समाधान भी किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मिशन शक्ति केवल कानून लागू करने का नाम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का माध्यम भी है। स्थानीय लोगों ने इस अभियान की सराहना की और कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सुरक्षा की भावना और भरोसे को बढ़ाते हैं, साथ ही महिलाओं और किशोरियों में आत्मसुरक्षा और जागरूकता की भावना पैदा करते हैं। मिशन शक्ति फेज-5.0 और साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत यह कार्यक्रम न केवल नगर की महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद करेगा बल्कि उन्हें मानसिक, शारीरिक और डिजिटल खतरों से बचाने का भी कार्य करेगा। इस व्यापक अभियान ने यह संदेश दिया कि पुलिस अब केवल अपराध रोकने या कानून लागू करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह समाज की संरक्षक, महिलाओं की सुरक्षा का माध्यम और बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा की गारंटी भी बन चुकी है। एस.पी. देहात सागर जैन की निगरानी में कार्यरत पुलिसकर्मी इस अभियान के माध्यम से यह दिखाना चाहते हैं कि समाज में सुरक्षा, जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और मिशन शक्ति टीम किसी भी परिस्थिति में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है। टीम ने महिलाओं को आत्मरक्षा, सरकारी योजनाओं, हेल्पलाइन नंबरों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए यह भी सुनिश्चित किया कि समाज के कमजोर वर्गों को सही मार्गदर्शन और सहायता मिले। मिशन शक्ति 5.0 और साइबर अपराध जागरूकता अभियान ने साबित कर दिया कि जब पुलिस अपने कर्तव्य के साथ संवेदनशीलता और सक्रियता का मिश्रण करती है, तो न केवल अपराध कम होते हैं बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना भी मजबूत होती है। इस अभियान से यह स्पष्ट हुआ कि पुलिसिंग केवल कानून लागू करने का काम नहीं, बल्कि समाज में उम्मीद, सुरक्षा और विश्वास पैदा करने का भी काम है, और ऐसे प्रयास महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करते हैं।


✍️ रिपोर्टर: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ / समृद्ध भारत समाचार पत्र
📞 संपर्क: 8217554083

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